1. तेरे बाद किसी और को चाहा नहीं हमने, हम तो वही हैं, पर तू अब वो तू नहीं...
2. वो कह कर गया था लौटकर आऊँगा, आज तक उसकी वो लौटने की शाम नहीं आई...
3. जिसे चाहा दिल से, उसी ने तोड़ दिया, हमने फूल समझा, उसने काँटा बना दिया...
4. न जाने क्या कमी रह गई थी मुझमें, वो बहुतों में खुश था, सिर्फ मुझसे ही परेशान था...
5. तेरे जाने के बाद कुछ नहीं बचा मुझमें, जो भी था, सब कुछ तो तुझमें ही था...
6. हम तो रो-रो के दुआ करते रहे तेरे लिए, और तू हँस के किसी और का हो गया...
7. दर्द तो हमें मिला, पर शिकवा उन्हें था, वो बेवफा थे, फिर भी नाराज़ हमें थे...
8. तेरी बेवफाई का कोई ग़म नहीं अब, दर्द तो इस बात का है कि तुझपे ऐतबार किया...
9. जब नींद नहीं आती, तब तेरी याद आती है, तू गया क्या, सुकून भी साथ ले गया...
10. जिसे हमने अपनी हर साँस में बसाया, वो हमारी साँसों का कारण ही नहीं बना...
11. कहाँ से लाऊँ वो बीते लम्हें वापस, जो तेरे साथ बीते और अब ख्वाब बन गए...
12. छोड़ दिया हमने ज़िक्र उनका करना, जो हमारे दिल में रहकर भी हमारे ना हुए...
13. तेरे झूठे वादों पर इतना ऐतबार किया, कि तेरे जाने के बाद खुद से ही नफ़रत हो गई...
14. अब ना करेंगे तेरी मोहब्बत का ज़िक्र किसी से, सुना है कि लोग अब भी तुझसे जलते हैं...
15. वो बेवफा थी फिर भी बुरी नहीं लगती, जो दिल से उतर जाए, वो यादों में अच्छी लगती है...
16. कभी-कभी वक्त भी गुनाह करता है, किसी बेवफा को वफ़ा दिला देता है...
17. हमने तो तेरी हर बात पर यकीन किया, और तूने हमारी हर बात को झूठ समझा...
18. आँखों में आँसू थे और दिल में तू, हमने तो हर दर्द सहा, बस तुझसे कुछ ना कहा...
19. वो हँसते रहे हमारी मोहब्बत पर, हम रोते रहे उनकी बेवफाई पर...
20. तेरे इश्क़ का नशा था कुछ ऐसा, होश में आकर भी तुझे भूल ना पाए...
21. तेरी बेवफाई ने सिखा दिया हमें, कि हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता...
22. किसी और के लिए मुझे भुला दिया उसने, जिसे मैंने खुद से भी ज्यादा चाहा...
23. हमने तुझमें क्या देख लिया था, जो अब हर चेहरा अधूरा सा लगता है...
24. मोहब्बत कर के भी लोग अकेले रह जाते हैं, क्योंकि बेवफाई की कोई वजह नहीं होती...
25. तेरा जाना भी जरूरी था मेरे लिए, वरना खुद को कभी पहचान न पाता...
26. वो जो बेवफा निकले, कभी हमारे हर एहसास के हमसफ़र थे...
27. वो ग़ैरों में मशगूल थे, और हम उनके इंतज़ार में बर्बाद...
28. एक तेरी बेवफाई ने सबक सिखा दिया, अब किसी से मोहब्बत करने का हौसला नहीं...
29. जिसे देखा था हमने सपनों में, वही आज गैरों की बाहों में है...
30. खुदा से अब कोई शिकायत नहीं, वो तू ही था जो मेरी दुआओं में था...
31. किस्मत की मार थी या तेरा फरेब, जो भी था, बहुत गहरा ज़ख़्म दे गया...
32. तू मुस्कुरा रहा है किसी और की बाहों में, और मैं तन्हा टूटता जा रहा हूँ यादों में...
33. तुझे चाहा था खुदा की तरह, तूने रुला दिया दुनिया की तरह...
34. दिल तोड़ कर वो पूछते हैं, अब हाल कैसा है तेरा?
35. कभी तो सोचा होता उस दिल के बारे में, जो तेरे एक झूठ से टूट गया...
36. तेरा नाम अब भी आता है दुआ में, बस फर्क इतना है कि अब तेरे लिए नहीं...
37. तू वो ख्वाब था जो पूरा होते ही टूट गया...
38. हमने उन्हें खुदा बना दिया, और उन्होंने हमें फुर्सत में याद किया...
39. तेरे बाद दिल ने किसी को अपनाया नहीं, हम तो वैसे ही जी रहे हैं, जैसे ज़िन्दा लाशें...
40. कभी बेवफाई भी कुछ यूँ सिखा देती है, कि अब किसी से दिल लगाने की हिम्मत नहीं...
41. वो दूर होकर भी पास था, और अब पास होकर भी दूर...
42. तेरे वादों पर हम यूँ ऐतबार कर बैठे, जैसे ये ज़िन्दगी तुझपे ही खत्म होनी थी...
43. कभी ज़रा सोचना, किस हाल में होंगे हम, जिसे तुम भूल चुके हो, वो अब भी तुम्हें याद करता है...
44. झूठे प्यार की सज़ा सच्चे दिल को क्यों मिलती है?
45. उसकी बातें अब भी दिल को चीर जाती हैं, वो जो एक लम्हा था, उम्र भर की सज़ा बन गया...
46. अब किसी पर ऐतबार करना मुमकिन नहीं, क्योंकि जिसे अपना समझा, उसी ने तोड़ा है...
47. वो दर्द जो तेरे जाने से मिला, अब हर खुशी भी अधूरी लगती है...
48. काश तू लौट आता, जैसे तू कभी गया ही नहीं था...
49. तेरी बेवफाई का ज़ख्म अब भी हरा है, हर साँस में एक टीस सी उठती है...
50. तेरे बाद अब मोहब्बत से डर लगता है, क्योंकि हर मुस्कुराहट के पीछे फरेब दिखता है...